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अधूरा इश्क़

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*मित्र* – ऐसा क्या है उसमें जो तुम्हे याद आता है ?

*मैं* – ‘सब कुछ’ ,❤कभी छुआ नही पर उसकी मौजूदगी हमेसा महसूस किया हु मैं , सालों से देखा नही पर मानो कभी आखों से ओझल न होने दिया हूं मैं,हा वो भूल चुकी होगी मुझेे!!!ओर हम भी उसे याद नही करते ,

क्योकि अब तक उसे भुला नही हूँ मैं ।

#गुरु

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